तमनार के सरकारी स्कूल में एस्ट्रोनॉमी लैब, अब प्रयोगों से खगोल विज्ञान समझ रहे विद्यार्थी
रायगढ़। शासकीय आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम हायर सेकंडरी स्कूल तमनार में विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की गई है। जिंदल पावर के जिंदल फाउंडेशन की ओर से तैयार की गई इस लैब के जरिए विज्ञान विषय के विद्यार्थियों को ग्रहों, तारामंडल और अंतरिक्ष से जुड़ी अवधारणाओं को प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है।
थ्योरी के साथ अब प्रैक्टिकल सीख रहे छात्र
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, पहले विद्यार्थी खगोलीय विषयों को मुख्य रूप से किताबों के माध्यम से समझते थे। लैब शुरू होने के बाद उन्हें इन विषयों का व्यावहारिक अध्ययन करने में सुविधा मिल रही है। विद्यार्थी ग्रहों की स्थिति, गुरुत्वाकर्षण, तारामंडल और सैटेलाइट जैसी अवधारणाओं को मॉडल और उपकरणों की मदद से समझ रहे हैं।
टेलिस्कोप से खगोलीय घटनाओं को समझने का प्रयास
एस्ट्रोनॉमी लैब में उपलब्ध टेलिस्कोप के माध्यम से विद्यार्थी खगोलीय घटनाओं को करीब से समझने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उनमें अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में भी मदद मिल रही है।
जिंदल फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में उठाया कदम
जिंदल फाउंडेशन की ओर से क्षेत्र में शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तमनार के सरकारी स्कूल में एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार की गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में सीएसआर के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट ऋषिकेश राय शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
प्राचार्य बोले- विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
स्कूल के प्राचार्य बाबूलाल पटेल ने कहा कि इस तरह की लैब का विद्यार्थियों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी अब विज्ञान के विषयों को केवल पढ़ने के बजाय प्रयोग करके समझ पा रहे हैं। कार्यक्रम में तमनार की सरपंच गुलापी सिदार, सीएसआर मैनेजर शीतल पटेल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
गांवों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पहल
लैब का उद्देश्य तमनार क्षेत्र के विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान से जोड़ना और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में आसपास के गांवों के विद्यार्थी भी इस सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे।











